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What is Article 370?

https://www.helpajtak.in/2020/01/what-is-article-370.html 

वेलकम आज की स्पेशल पोस्ट में दोस्तों स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ उस दिन जम्मू और कश्मीर को भी उसकी आजादी मिल गई भारत की स्वतंत्रता के समय राजा हरीते यहां के शासक थे।
 जो अपनी रियासत को स्वतंत्र ही रखना चाहते थे लेकिन 20 अक्टूबर 1943 को पाकिस्तान समर्थित कश्मीर सेना ने पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर कश्मीर पर आक्रमण कर दिया और काफी सारा रज्य अपने कब्जे में ले लिया .

 इस परिस्थिति में महाराजा हरि सिंह जम्मू और कश्मीर की रक्षा के लिए शेख अब्दुल्ला की सहमति से जवाहरलाल नेहरू के साथ मिलकर 26 अक्टूबर 1947 को भारत के साथ जम्मू और कश्मीर के विलय की घोषणा कर दी और इंस्ट्रूमेंट स्टेशन ऑफ जम्मू एंड कश्मीर टू इंडिया पर अपने हस्ताक्षर कर दिए इस नए समझौते के तहत जम्मू और कश्मीर नेतृत्व विषयों को

भारत के हवाले कर दिया था यह है रक्षा विदेशी मामले दूरसंचार समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद भारत सरकार ने वादा किया कि जब तक इस राज्य के लोग अपने संविधान का निर्माण नहीं कर देते हैं तब तक भारत का संविधान के 1 राज्य के बारे में टेंपरेरी अरेंजमेंट प्रदान करता रहेगा आर्टिकल 370 को भारत के संविधान में शामिल किया गया था।

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 इन प्रावधानों को 17 नवंबर 1952 से लागू किया जाने लगा आर्टिकल 370 में जम्मू और कश्मीर के लिए क्या प्रावधान है जम्मू और कश्मीर भारतीय संघ का एक संवैधानिक राज्य है किंतु इसका नाम क्षेत्रफल और सीमा को केंद्र सरकार तभी बदल सकती है जब जम्मू और कश्मीर राज्य सरकार उसको ऐसा करने की अनुमति दें एक आर्टिकल के अनुसार रक्षा विदेश मामले और संचार को छोड़कर कोई भी और कानून लागू करने के लिए केंद्र सरकार को पहले राज्य सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी ।
इटारसी टू जम्मू और कश्मीर का अपना संविधान है और प्रशासन ने खुद ही चलाता है ना कि भारत का संविधान  चलाता है जम्मू और कश्मीर के पास  जम्मू और कश्मीर का खुद का राष्ट्रीय झंडा है और दूसरा जम्मू और कश्मीर के पास भारत का झंडा है जो यहां का राष्ट्रीय ध्वज देश के दूसरे राज्यों के नागरिक इस राज्य में अभी भी किसी नहीं खरीदते हैं अर्थात इस राज्य में अभी भी संपत्ति का मूलभूत अधिकार लागू है ।

जम्मू और कश्मीर के लोगों को दो प्रकार की नागरिकता मिली हुई है एक जम्मू कश्मीर की और दूसरा भारत की यदि कोई कश्मीरी महिला किसी भारतीय से शादी करती है तो उसकी कश्मीरी नागरिकता वहीं पर खत्म हो जाती है लेकिन अगर कोई कश्मीरी महिला की सादी पाकिस्तानी लड़के से  शादी करती है तो उसकी कश्मीरी नागरिकता के ऊपर कोई भी फर्क नहीं पड़ता है यदि कोई पाकिस्तानी लड़का की सादी कश्मीरी लड़की से सादी होती है तो उस लड़के को वह की नागरिकता मिल जाती। हैं ।

सामान्यता अगर भारत देश का नागरिक भारत की राज्य को छोड़कर विदेश चला जाता है तो उसकी भारतीय नागरिकता खत्म हो जाती है लेकिन अगर कोई जम्मू और कश्मीर का नागरिक पाकिस्तान चला जाता है और उसके बाद जम्मू और कश्मीर आता है तो उसे दोबारा से ये  भारत की नागरिकता मिल जाती है ।
जम्मू और कश्मीर में भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों सत्यमेव जयते की राष्ट्रगान राष्ट्रध्वज इत्यादि का अपमान करना अपराध की श्रेणी में  आता है आर्टिकल 370 के कारण ही केंद्र राज्य पर आर्थिक आपातकाल जैसा कोई भी कानून नहीं लगा सकती है।

 अर्थात यदि भारत में कुल वित्तीय संकट आता है और भारत सरकार देश में आर्थिक आपातकाल की घोषणा करती है तो उसका जम्मू और कश्मीर पर कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा भारत के संविधान में किसी प्रकार का संशोधन जम्मू और कश्मीर पर तथा लागू नहीं होता है जब तक यह ये राष्ट्रपति के विशेष आदेश पर लागू करने की अनुमति न हो तो ।

तो यह तो थी आर्टिकल 370 के बारे में पूरी जानकारी अगर आपको अच्छा लगा हो तो लाइक करें और शेयर करें और ऐसी ही post  के लिए www.helpajtak.blogspot.com pr visit kre.
Thank you 

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